पहली बार सेक्स के बाद लड़कियों क्या प्रभाव पड़ता है?

पहली बार सेक्स के बाद लड़कियों पर क्या गुजरती है?

 कोई भी लड़की जब पहली बार सेक्स करती है तो उस पर अच्छी भी, बुरी भी दोनों तरह से गुजरती है। केवल लड़कियों पर ही नहीं अपितु लड़कों पर भी इसी तरह का प्रभाव पड़ता है। यदि शारीरिक सम्बन्ध बनाते समय सोच तनाव ग्रस्त होगी तो उस हालात में लड़की एक मृत प्राय शरीर की तरह पड़ी रहती है । वह बिल्कुल से सम्भोग का जरा भी आनंद नहीं ले पाती है।भारत जैसे देशो में तो पहली बार सेक्स के लिए लडको को बहुत ज्यादा प्रयास करने पड़ते है |

सेक्स का मन जितना लडको का होता है उससे ज्यादा लडकियों का होता है जो की कई शोध व डॉक्टरों ने बताया है | कई बार तो लड़कियां लडको को सेक्स करने के इशारे भी देती है |लेकिन कभी भी पहली बार सेक्स करते समय लडकियों को चिंता भी होती है भले ही वो खुद सेक्स का आनंद लेना चाहती है

परन्तु लड़का काफी हदतक आनंद ले लेता है। क्योंकि सारा क्रियाकलाप उसे ही करना पड़ जाता है। जिसमें उसकी बहुत ऊर्जा लग जाती है। स्खलन के तुरंत बाद उसे पूरा आराम मिलता है। परन्तु लड़की की डरी हुई हालत देखकर वह भी परेशानी में पड़ जाता है। और दोनों अपराध बोध से ग्रस्त हो जाते हैं?

जबकि यह इंसान की स्वाभाविक प्राकृतिक क्रिया व प्रतिक्रिया है। अतः अपराध बोध से त्रस्त व ग्रस्त होना स्वास्थ्य की दृष्टि से दोनों के लिए बिल्कुल से ठीक नहीं है। इसका मनोवैज्ञानिक स्तर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। अगर यह असहनीय हो गया तो पागल होने तक की स्थिति पैदा हो जाती है। विशेषकर लड़कियों के मामले में। क्योंकि यह ताउम्र माता पिता व दुनियादारी की बेबुनियादी फ़िक्र से पीछा ही नहीं छुड़ा पाती हैं। इनके लिए एक तरफ आशिक/बाॅयफ्रेंड होता है दूसरी तरफ यह लोग।

अब बिचारी करें तो क्या करें। गर्भवति होने का अलग से डर। इन्हें सबसे बड़ा डर बाॅय फ्रेंड से ही होता है। वह इन्हें हर तरह से ब्लैकमेल भी कर सकता है। शारीरिक बदलाव पहली बार सम्बन्ध बनाने से नहीं आते हैं। यदि आयेंगे भी तो काफी देर के बाद आयेंगे।

इस बदलाव से इनमें खूबसूरती ही आती है। हर अंग इनका प्राॅपर शेप में आ जाता है। पर यह जरूरी नहीं है। लड़कों की फ़िक्र यह होती है कि कहीं शादी न करनी पड़ जाए। या लड़की पैसों के लिए ब्लैकमेल न करने लगे। यह दोनों के लिए बेबुनियाद सोच है। क्योंकि अब गर्भ रोकने के बहुत से उपाय हर जगह आसानी से उपलब्ध हैं।

सोच सिर्फ एन्जॉय ही करने की है तब तो कोई मुसीबत खड़ी होने वाली नहीं है। अगर दोनों में से किसी की भी सोच खराब हुई या आत्मविश्वास डगमगा गया, तब तो दोनों के लिए मुसीबतों का पहाड़ खड़ा हो जाएगा। इसलिए इस सम्बंध में मधुरता बनाए रखें तथा एन्जॉय करने तक ही सीमित रखें और precautions लेते रहे, तभी इसकी सही अहमियत का पता लगेगा

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